Retirement fuction was organized by Chittorgarh HO staff on 31-12-2015. Leaders from AIPEU Union shri R P Saxena, Rakesh Gupta, Postmaster Laxmi Narayan Dad, Union President Babu Lal Singhvi, and other staff members were Present. Shri Kalu Singh Postman was also retired on the same day. Everyone praised the working of Shri S S Pokarna.
Friday, 22 January 2016
Monday, 15 June 2015
Our beloved Comrade Shri Girdhari Lal Meena retires from services ........
Tuesday, 24 March 2015
Union item raised before the Divisional administration and their ridiculous reply received as a solution..........
प्रिय कामरेड्स,
नए अधीक्षक डाकघर महोदय के कार्यभार ग्रहण करने के बाद एक मात्र यूनियन मीटिंग अभी तक रखी गयी है । जिसमे निम्न प्रकरण उठाये गए और उनके निम्न समाधान प्राप्त हुए है । ऐसा प्रतीत हो रहा है की मंडल प्रशासन प्रकरणो के प्रति बिलकुल सवेंदनशील नही है ।
आशा है आप साथी कर्मचारी उक्त कार्यविधि पर अपने विचार और परामर्श प्रदान करेंगे ताकि आगे की रणनीति इस सन्दर्भ में तय की जा सके ।
धन्यवाद
आपका साथी
अमित कुमार सुथार
नए अधीक्षक डाकघर महोदय के कार्यभार ग्रहण करने के बाद एक मात्र यूनियन मीटिंग अभी तक रखी गयी है । जिसमे निम्न प्रकरण उठाये गए और उनके निम्न समाधान प्राप्त हुए है । ऐसा प्रतीत हो रहा है की मंडल प्रशासन प्रकरणो के प्रति बिलकुल सवेंदनशील नही है ।
आशा है आप साथी कर्मचारी उक्त कार्यविधि पर अपने विचार और परामर्श प्रदान करेंगे ताकि आगे की रणनीति इस सन्दर्भ में तय की जा सके ।
धन्यवाद
आपका साथी
अमित कुमार सुथार
Why should we join Union.........................................
एक संघ (यूनियन) की
क्या सार्थकता होती है इसे निम्न प्रकार समझा जा सकता है :-
प्रारम्भ
में समाज के उन्थान के साथ ही औध्योगीकरण की शुरुवात हुयी थी जिसमे मॉडर्न
टेक्नोलोजी और वृहद् स्तर पर मानव संशाधन की जरुरत पैदा हुयी थी | भारी संख्या में
मानव संसाधन के कारण उनके हितो को सुरक्षित रखने की आवश्यकता कालांतर में पड़ी |
इसीलिए उनको संगठित रहकर अपनी मांग रखने की जरुरत महसूस हुयी ताकि उनकी वेतन
सम्बन्धी, सामाजिक सुरक्षा सम्बन्धी आवश्यकता पूरी हो सके, इसीलिए यूनियन का उद्भव
हुआ |
जब भी कोई कर्मचारी यूनियन का सदस्य बनता
है तो उसके दिमाग में कुछ आशायें होती है जिसको निम्न प्रकार वर्णित किया जा सकता
है :-
आर्थिक परिलाभ :- सबसे
बड़ा उद्देश्य किसी भी कर्मचारी संगठन में शामिल होने के पीछे अच्छे वेतन का होता
है | समाज में किसी व्यक्ति का स्तर उसकी आर्थिक स्थिति से लगाया जाता है | अतः
कोई भी व्यक्ति अच्छी वेतन की उम्मीद अपने किये कार्य के प्रति करता है | लेकिन
अकेले व्यक्ति की मांग क्षमता शक्तिशाली प्रबन्धन के समक्ष बहुत क्षीण होती है |
अतः सभी कर्मचारियों का संघठन जिससे यूनियन भी कहते है की मांग क्षमता अपने आप में
ही बढ़ जाती है और कर्मचारी के आर्थिक हितो के सुरक्षा होती है जिससे प्रबंधन विचार
करने पर मजबूर भी होता है | लेकिन यूनियन की भी कुछ सीमाएं होती है यह मांग को
जायज स्तर से नियमानुसार ही उठा सकती है | जब संस्था की आर्थिक स्थिति अच्छी होती
है तो कर्मचारी की मांग के अनुसार आर्थिक परिलाभ भी प्राप्त कर सकता है |.
आत्म अभिव्यक्ति का मंच :- पूर्व काल में श्रमिक को दास की तरह समझा जाता था | वह कोई भी आवाज अपने
वेतनदाता के समक्ष नही उठा पता था | वे प्रबंधन की दया पर निर्भर थे | वे अपनी
दुर्दशा वाले कार्यस्थल, लम्बे कार्यकाल, कम वेतन और असुविधाजनक कार्यस्थल तक के
आवाज़ भी नही उठा पाते थे | लेकिन कालांतर में ऐसा यूनियन के उद्भव से नजरअंदाज
करना प्रबंधन के द्वारा संभव नही हो पाया | कर्मचारियों को आत्म अभिव्यक्ति का मंच
भी मिला | यूनियन ने एक रचनातन्त्र विकसित किया जिससे कर्मचारीयों की आवाज़ उठाई जा
सके | अतः यूनियन से कर्मचारियों द्वारा तैयार किया आत्म अभिव्यक्ति का मंच
श्रीमिको को मिलता है |
स्वेच्छाचारी निर्णय पर रोकथाम :- यूनियन प्रबंधन की स्वेच्छाचारी निर्णय प्रवृति पर भी रोक लगाती है | हर
कर्मचारी एक न्यायोचित व्यव्हार प्रबंधन से उपलब्ध नियमो के अनुसार होना आशा करता है
| यूनियन यह सुनिश्चित करती है की प्रबंधन उन्ही नियमो के तहत काम कर रहा है या
नही | साथ ही वह किसी तरह का भेदभाव पूर्ण रवैया तो न रखे हुए है और सही व उपयुक्त
दिशा में काम भी कर रहा है |
सुरक्षा :- जब
भी कोई कर्मचारी यूनियन ज्वाइन करता है तो
वह आशा करता है की यूनियन जरुरत के समय उसके साथ खड़ी रहेगी | यूनियन
कर्मचारी के विभिन्न भत्ते जेसे की सामाजिक सुरक्षा, समयोपरी श्रमिक भुगतान, बिमा,
मातृत्व परिलाभ नियमो अनुसार मिल सके को भी सुनिश्चित करती है | कर्मचारी यूनियन
के साथ मानसिक और शारीरिक रूप से सुरक्षित महसूस करता है |
कर्मचारी प्रबंधन सम्बन्ध :- एक कर्मचारी की सीधे उच्चतम प्रबंधन तक पहुंच संभव नही होती है | यूनियन
एक तंत्र उपलब्ध करवाती है जिससे की एक सुचना का आदान प्रदान कर्मचारी और प्रबंधन
के बीच हो सके तथा विभिन्न मंचो से अपनी आवाज़ उच्चतम प्रबंधन को पहुंचा सके |
समावेश अनुभूति :-
हर कर्मचारी की आधारभूत इच्छा होती है कि वह अपने कार्यकाल में संस्था से जुड़ा हुआ
महसूस करे और उसकी आवाज़ भी संस्था की निर्णय प्रणाली में सम्मिलित हो सके जिसको
श्रमिक समावेश भी कहते है और यूनियन के द्वारा ही वह अपनी आवाज़ प्रबंधन तक सही
निर्णय लेने के लिए पंहुचा सकता है और प्रबंधन को सोचने पर मजबूर कर सकता है |
अपनापन अनुभूति:- जब
कोई कर्मचारी यूनियन ज्वाइन करता है तो वह अन्य कर्मचारियों की संघठन में उपस्थिति
की वजह से अपनापन महसूस करता है | वह अपने आप को अलग थलग नही पाता है | साथ ही
अनुभव करता है की बुरे दौर में उसके साथ कर्मचारी संगठन खड़ा है |
इन सब तथ्यों के
बावजूद यूनियन और प्रबंधन दोनों को सामंजस्य के साथ चलना होता है ताकि संस्था के
दीर्घ कालिक उद्देश्य भी प्राप्त किये जा सके | लेकिन एक कर्मचारी के रूप में
हमारा कर्त्तव्य एक शक्तिशाली यूनियन बनाने का भी होता है ताकि कर्मचारी हित के
लिए प्रबंधन में बैठे कुछ नकारात्मक तथा स्वार्थी तत्व “Divide and Rule” का पालन न कर सके | चूँकि हर एक
वेतनदाता चाहता है की कम दाम में अधिक से अधिक काम अधीन श्रमिक से ले सके जो की
आगे जाकर शोषण की प्रवृति भी यदा कदा ले लेता है |
साथियों आशा है आप
चित्तौड़गढ़ मण्डल को अपने कार्यक्षमता से एक स्वस्थ और आकर्षक कार्यस्थल बनायेंगे तथा
सभी कर्मचारियों के हित लेकर साथ चलेंगे तथा समय समय पर अपना हाथ एक दुसरे की मदद के
लिए बढ़ाते रहेंगे |
आप ही का साथी
अमित कुमार सुथार
मंडल
सचिव
Monday, 24 November 2014
Welcome to new appointed divisional authority...................................
अखिल भारतीय डाक कर्मचारी संघ , मंडल शाखा चित्तौड़गढ़
सेवामें,
श्रीमान
अधीक्षक डाकघर महोदय
चित्तोड़गढ़ मंडल
चित्तौडगढ -312001
क्र/मासिक मीटिंग/8/ 2014-2015 दिनांक 21.11.2014
चित्तोड़गढ़ मंडल
चित्तौडगढ -312001
क्र/मासिक मीटिंग/8/ 2014-2015 दिनांक 21.11.2014
विषय :- मासिक
मीटिंग आयोजन करवाने के सन्दर्भ में |
सर्वप्रथम
चित्तोडगढ मंडल में कार्यभार ग्रहण करने के लिए अखिल भारतीय डाक कर्मचारी संघ
परिवार आपका हार्दिक अभिनन्दन और स्वागत करता है |
चित्तोडगढ
मंडल कि छवि राजस्थान परिमंडल में हमेशा ही अव्वल दर्जे कि रही है | मंडल कि छवि
बनाने में उसके प्रशासनिक अधिकारयों के साथ सबसे ज्यादा योगदान उसके अधीन मंडल
कर्मचारियों का होता है | उनकी कार्यकुशलता और उनके स्वच्छ संशाधन युक्त कार्य
वातावरण का अहम् योगदान इसमें होता है | संस्था के उद्देश्य के साथ जब भी प्रशासन
और कर्मचारियों के उद्देश्य और भावनाएं समाहित होकर चलती है तो संस्था निरंतर
उन्नति कि ओर अग्रसर होती है |
कर्मचारी
यूनियन सदैव इसी उद्देश्य को लेकर अपने कर्मचारियों कि समस्याएं मंडल प्रतिनिधियों
के सामने रख कर आगे बढ़ा है | साथ ही मंडल के पूर्व अधिकारीयों ने भी हमेशा
सकारात्मक द्रष्टिकोण से यूनियन मंच को लिया है इसी का परिणाम है कि यह मंडल एक
बढ़िया छवि लेकर आगे बड़ा है |
समय
समय पर कर्मचारी समस्यायों पर वार्तालाप कर एक सोहार्दपूर्ण सम्बन्ध युक्त माहौल
प्रशासन और कर्मचारियों के बीच होना चाहिए ऐसा मंडल यूनियन का मानना है | श्रीमान
से आशायें है कि वे भी इस क्रम में अपना समय और सकारात्मक द्रष्टिकोण यूनियन को
देंगे तथा साथ ही कर्मचारियों कि समस्याओ पर खुल कर चर्चा करेंगे |
यूनियन
संस्था के निरतर उन्नति के लिए कटिबद्ध है तथा प्रशासन के साथ हर संभव सहयोग के
लिए आशान्वित करती है | चूँकि यूनियन और प्रशासन का सम्बन्ध एक सवेदनशील मामला है
अतः आशा है कि सकारात्मक द्रष्टिकोण
मान्यवर से समय समय पर प्राप्त होता रहेगा | साथ ही यूनियन द्वारा लिए गये
प्रकरण के समयबद्ध रूप से निदान होते रहेंगे |
अतः आप से अनुरोध है की समय
समय पर यूनियन कि मासिक मीटिंग का आयोजन करवाकर कृतार्थ करते रहे |
आशा है मंडल आपके कार्यकाल में
एक बार फिर अव्वल दर्जे कि कार्यक्षमता पेश करेगा और मिशाल बनेगा |
धन्यवाद् |
अमित
कुमार सुथार
मंडल
सचिव अखिल भारतीय डाक कर्मचारी संघ, ग्रुप “सी”
Thursday, 20 November 2014
कचहरी प्रतापगढ़ उप डाकपाल श्री तैयब हुसैन के प्रतिनियुक्ति प्रकरण ........
अखिल भारतीय डाक कर्मचारी संघ, ग्रुप सी
मंडल शाखा चित्तौडगढ -312001
सेवामें,
श्रीमान अधीक्षक डाकघर
चित्तौडगढ मंडल
चित्तोड़गढ़-३१२००१
क्र.\यूनियन\ 7 \2014-15 दिनांक 10-11-2014
विषय :- कचहरी प्रतापगढ़ उप डाकपाल श्री तैयब हुसैन के प्रतिनियुक्ति के सम्बन्ध में |
उपरोक्त विषय में लेख है कि श्री तैयब हुसैन को बतोर उप डाकपाल नियुक्ति कचहरी प्रतापगढ़ में दी गयी है | लेकिन अधीक्षक डाकघर द्वारा उन्हें मौखिक आदेश देकर एक दो दिन प्रतापगढ़ उपडाकघर में कार्य करने के लिए भेजा गया था | श्री तैयब हुसैन ने अधीक्षक डाकघर कि आज्ञा का पालन करते हुए प्रतापगढ़ में कार्य भर ग्रहण कर लिया | इसके लिए उन्हें प्रतापगढ़ उपडाकघर में ही कार्यरत डाक सहायक से कार्यमुक्त करवाया गया | श्री तैयब हुसैन को प्रतापगढ़ डाक घर में CBS से सम्बंधित कार्य करने के लिए भेजा गया था | जिसमे श्री तैयब हुसैन ने समस्त CBS सम्बन्धी कार्य कुशलता से किया | लेकिन पोस्टमास्टर ग्रेड -१ द्वारा उक्त तथ्यों को बिना ध्यान में रखे तथा कार्य समाप्त होने पर निजी कारणों से श्री तैयब हुसैन के दलोट प्रतिनियुक्ति के आदेश दे दिए | जबकी श्री तैयब हुसैन को उनकी ही मदद के लिए ही भेजा गया था | पोस्टमास्टर ग्रेड -१ द्वारा इस तरह के आदेश कर, जान बुझकर उन्हें दलोट उप डाकघर में प्रतिनियुक्ति भेजना उन्हें परेशान करने का ध्योतक है | जबकि नियमानुसार श्री तैयब हुसैन को कतई प्रतिनियुक्ति पर नही भेजा जाना चाहिए था | श्री तैयब हुसैन अपने परिवार के साथ ही प्रतापगढ़ में निवास करते है इससे उनकी निजी जीवन व् स्वास्थ्य दोनों पर असर हुआ है | श्री तैयब हुसैन द्वारा दलोट में कार्य करते हुए स्वास्थ्य खराब होने पर रुग्ण अवकाश भी माँगा गया है लेकिन उनके लिए कार्यमुक्ति कि व्यवस्था आज तक नही हो पाई है | इन परीस्थितियों से गुजर कर श्री तैयब हुसैन का स्वास्थ्य और ज्यादा खराब हो गया और अन्तह उन्हें उनके परिवार द्वारा दलोट कस्बे मे उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण प्रतापगढ़ चिकित्सालय में ही भर्ती करवाया गया है |
श्रीमान दलोट उप डाकघर पिछले 2 वर्षो से ही परेशानी का सबब बना हुआ है | स्थाई उप डाकपाल महीनो से रुग्ण है और ड्यूटी पर यदा कदा ही आ रहे है | जिससे वहां कोई प्रतिनियुक्ति पर ही नही जाना चाहता है | साथ ही कचहरी प्रतापगढ़ के नियमित उप डाकपाल को प्रतिनियुक्ति पर भेजना नियम विरुद्ध भी है |
अतः श्रीमान अधीक्षक महोदय से निवेदन है कि उक्त कर्मचारी को मूल उप डाकघर कचहरी प्रतापगढ़ में भेजा जावे तथा समस्या का स्थाई समाधान करावें |
धन्यवाद |
अमित कुमार सुथार
मंडल सचिव
अखिल भारतीय डाक कर्मचारी संघ ग्रुप सी
चित्तौडगढ मंडल -३१२००१
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